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उच्च शिक्षा विभाग जम्मू कश्मीर ने शोध,साहित्य,इतिहास और संस्कृति में नए आयाम छूने के लिए कसी कमर – घोषणा की एक त्रिमासिका हिंदी जर्नल “शब्द” की

आज डॉ० असग़र हसन समून प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा विभाग जम्मू कश्मीर की अध्यक्षता में एक मीटिंग हुई . मीटिंग में हिन्दीसंस्कृतडोगरी और पंजाबी में एक शोध पत्रिका शुरू करने का निर्णय लिया गया . डॉ० असगर हसन समून ने सम्बंधित विषयों के प्राध्यापकों को सम्बोधित करते हुए “शब्द” नाम की इस शोधपत्रिका की आवश्यकता और रूप रेखा पर प्रकाश डाला . उन्होंने कहा कि यह भाषाओं के गुम होने का युग है . बोलियाँ मर रही हैं . इसमें समाहित लोक ज्ञान और संस्कृतियाँ हमारी निधि है . इसे सुरक्षित रखना अति आवश्यक है . भाषाओं को लेकर जम्मू कश्मीर अपने आप में एक समृद्ध राज्य है . यहाँ की विविधता पूरी दुनिया के लिए आकर्षण का विषय है . इस क्षेत्र में काम करने की असीम सम्भावनाएँ हैं . भाषा एक सेतु का काम करती है . यह हम सबको जोड़ती है . भाषाओं और साहित्य को अधिकाधिक प्राथमिकता देनी होगी . उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग से जुड़ा होना गौरव की बात है . कर्मठ और दृष्टिसम्पन्न शिक्षक समाज के लिए प्रेरक मार्गदर्शक और आदर्श होते हैं . विभाग से जुड़े ऊर्जावान युवाओं को आगे आना चाहिए . यह काम विवशता से नहीं बल्कि दायित्व से किया जाना ज़रूरी है . उन्होंने कहा कि यह त्रैमासिक शोध पत्रिका भाषा लोक साहित्य संस्कृति इतिहास प्रकृति जैसे क्षत्रों पर कार्य करेगी . विशेषकर अनछुए विषय प्राथमिकता में रहेंगे . यह पत्रिका शोधकर्ताओं शिक्षकों के साथ साथ छात्रों के लिए भी बहुत उपयोगी व महत्वपूर्ण होगी . सभी प्राध्यापकों ने इस कदम की सराहना की और सामूहिक कार्य करने का आह्वान किया . इस अवसर पर उर्दू जर्नल अलिफ़ के एडिटोरियल बोर्ड के सदस्य डॉ लियाक़त जाफरी ने भी अपने विचार रखे . उन्होंने कहा कि पत्रिका के नामकरण और सामग्री जुटाने को लेकर जल्दी ही एक अनौपचारिक मीटिंग बुलाई जाएगी ..

याद रहे के हिंदी संस्कृत डोगरी पंजाबी को समर्पित इस पत्रिका के ही साथ साथ, उर्दू,इंग्लिश,फ़ारसी,अरबी,कश्मीरी,गणित,कंप्यूटर जैसे सब्जेक्ट्स में भी जर्नलज की घोषणा हुई है, और उन पे जोरो शोर से काम भी शुरू हो चूका है..आगामी फ़रवरीमार्च के चलते ये सभी शोध पत्रिकाएं मंज़र पे आ जाएँ गी..
इस मीटिंग में विडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के जरिया कठुआ पूँछ राजौरी डोडा काश्मीर जैसे दूर दराज़ के इलाकों के प्रोफेसरों को भी सूना गया..
मीटिंग के अंत में हिंदी पत्रिका का संपादक मण्डल भी गठित किया गया . सभी संपादकों ने मुख्य संपादक डॉ० समून का धन्यवाद किया.. इस मीटिंग में डायरेक्टर कॉलेजस ; डॉ ज़हूर छत्तप्रिंसिपल प्रोफेसर राजश्री धर और सचिवालय के कुछ दीगर उच्च अधिकारी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे . 
जम्मू कश्मीर की प्रतिनिधि हिंदी डोगरी पंजाबी संस्थाओं ने डॉ असग़र समून के इस क़दम की भरपूर सराहना करते हुए कहा है के यह क़दम देरी से लिए गए हैं लेकिन पर्याप्त हैं..

 

 

 

 

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